Daily News Summary of 25 Oct in details in Hindi

By | October 25, 2018

दैनिक समसामयिकी – 25 October 2018(Thursday)

INTERNATIONAL
1.भारत ने अब इजरायल से किया बड़ा रक्षा सौदा
• खुद को सुरक्षित करने और दुश्मन की चुनौती को आकाश में ही नेस्तनाबूद करने के लिए भारत ने अब इजरायल के साथ बड़ा रक्षा समझौता किया है। इस सौदे में भारत बराक 8 एयर एंड मिसाइल डिफेंस सिस्टम खरीदेगा। यह सौदा 777 मिलियन डॉलर (करीब 5,700 करोड़ रुपये) का होगा।
• इस सिस्टम को तैयार करने में भारत ने भी अहम भूमिका निभाई है। इसी माह रूस के साथ हुए पांच अरब डॉलर के एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम खरीद सौदे के बाद भारत की यह दूसरी बड़ी डील है। ताजा सौदे से जाहिर तौर चीन और पाकिस्तान की ओर से पैदा चुनौती से बेहतर तरीके से निपटने में मदद मिलेगी।
• इजरायल से खरीदा जाने वाला यह सिस्टम सतह से आकाश में मार करके दुश्मन की हमलावर मिसाइलों को रास्ते में ही नष्ट कर देगा। यह सिस्टम वस्तुत: नौसेना के सात हमलावर जहाजों की सुरक्षा के लिए लिया जा रहा है। इजरायल की नौसेना इसका इस्तेमाल कर रही है। वैसे इस सिस्टम का इस्तेमाल वायुसेना और थल सेना भी कर सकते हैं।
• डिफेंस सिस्टम बनाने वाली कंपनी इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने कहा है कि भारत के साथ मिलकर तैयार किए गए बराक 8 सिस्टम सौदे से दोनों देशों के रक्षा संबंध और मजबूत हुए हैं। दोनों देशों का रक्षा व्यापार अब बढ़कर छह अरब डॉलर (करीब 44 हजार करोड़ रुपये) से ज्यादा का हो गया है।
• अत्याधुनिक तकनीक से लैस है डिफेंस सिस्टम : बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम खासतौर पर समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा के लिए तैयार किया गया है। दुश्मन के हवाई, समुद्री और जमीनी हमलों से बचाव करते हुए जवाबी हमले के लिए इस सिस्टम का बखूबी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसमें डिजिटल रडार सिस्टम, कमांड एंड कंट्रोल, लांचर, इंटरसेप्टर, अत्याधुनिक रेडियो फ्रिक्वेंसी, बड़े स्तर की डाटा लिंक कनेक्टिविटी की सुविधा है।
• सिस्टम के रडार मिसाइल ही नहीं हर तरह के विमान, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और अन्य उड़नशील उपकरणों को पकड़ने में सक्षम हैं। हर मौसम में रात और दिन में समान रूप से कार्य करने में सक्षम ये सिस्टम एक साथ कई लक्ष्यों पर हमला भी कर सकते हैं। सक्षम है।
• भारत के सहयोग से बना है बराक 8 सिस्टम : बराक 8 एयर डिफेंस सिस्टम को आइएआइ, भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), इजरायल एडमिनिस्ट्रेशन फॉर द डेवलपमेंट ऑफ वेपंस एंड टेक्नोलॉजिकल इन्फ्रास्ट्रक्चर, एल्टा सिस्टम्स, इजरायली कंपनी रफाएल और कुछ अन्य भारतीय कंपनियों के सहयोग से बनाया गया है।
• ताजा सौदे के लिए आइएआइ और भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीइएल) मिलकर कार्य करेंगे। आइएआइ के सीईओ निरमोड शेफर ने सौदे पर खुशी जाहिर करते हुए कहा है कि भारत के साथ मिलकर हम काफी वर्षो से कार्य कर रहे हैं।
• यह सिस्टम इजरायल और भारत के प्रगाढ़ तकनीक सहयोग का उदाहरण है। हम भारत में जाकर उत्पादन करने के विकल्प पर भी गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इजरायल के रक्षा मंत्री एविग्डोर लिबरमैन ने भी सौदे पर खुशी जाहिर की है और आइएआइ को बधाई दी है।

2. यमन :आधी आबादी भुखमरी के कगार पर
• संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि यमन में करीब एक करोड़ 40 लोख लोग भुखमरी के कगार पर हैं। यह संख्या देश की आधी आबादी की है।
• मानवाधिकार मामलों के अवर सचिव मार्क लोकॉक ने सुरक्षा परिषद को ब्री¨फग के दौरान यह जानकारी दी। आपदा राहत के समन्यवक लोकॉक ने कहा, संयुक्त राष्ट्र ने सितम्बर में हाल ही में कराये गए सर्वेक्षण के आधार पर इस संबंध में अपनी रिपोर्ट जारी की थी जिसमें करीब एक करोड़ 10 लाख लोगों के भुखमरी के कगार पर होने की बात कही गई थी। इतने लोगों का जीवन पूरी तरह से बाहरी मदद पर निर्भर है।
• आधुनिक युग में भुखमरी की स्थिति विरले ही सुनने को मिलती है और यह विकास का परिचायक भी है लेकिन यमन का इस स्थिति में पहुंचना बेहद दुखद है। उन्होंने कहा कि भुखमरी और इससे संबंधित बीमारियों से मरने वालों की वास्तविक संख्या स्पष्ट नहीं हो सकी है लेकिन वहां काम करने वाली एक स्वास्य एजेंसी ने दावा किया है कि पिछले साल भुखमरी से प्रतिदिन 130 बच्चे की मौत हुई थी।
• उन्होंने कहा कि वर्तमान में यमन की स्थिति पिछले साल से अधिक खराब है और तत्काल इस देश को अधिक से अधिक मदद मुहैया कराये जाने की आवश्यकता है। उल्लेखनीय है कि यमन के कई हिस्सों में हूती विद्रोही सऊदी अरब के समर्थन वाली यमन सरकार और उसके सहयोगियों के साथ संघर्षरत है।

3. भारत मलावी के बीच प्रत्यर्पण संधि को मंजूरी
• केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत एवं मलावी के बीच प्रत्यर्पण संधि पर हस्ताक्षर किए जाने को बुधवार को स्वीकृति दे दी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस संधि से आतंकवादियों, आर्थिक एवं अन्य अपराधियों के प्रत्यर्पण का कानूनी ढांचा उपलब्ध होगा।
• मंत्रिमंडल ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) और सर्टिफाइड प्रोफेशनल एकाउंटेंट्स अफगानिस्तान (सीपीए अफगानिस्तान) के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए जाने को भी मंजूरी दे दी। इससे भारतीय चार्टर्ड एकाउंटेंट (सीए) के लिए अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की व्यवस्था करने के साथ अफगानिस्तान के नियोक्ताओं के बीच पहचान और उनकी स्वीकार्यता बनाने का अवसर मिलेगा।
• इस करार से ‘‘अफगानिस्तान एकाउंटेंसी बोर्ड (एएबी)’ के क्षमता निर्माण, आईटी क्षमता को मजबूत बनाने और ज्ञान के हस्तांतरण में तेजी लाकर अफगानिस्तान में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, छात्रों और सदस्यों के आदान-प्रदान कार्यक्रमों, सेमिनार, सम्मेलन और दोनों पक्षों के आपसी फायदे के लिए संयुक्त गतिविधियां कराने के क्षेत्रों में आपसी सहयोग स्थापित हो सकेगा।
• मंत्रिमंडल ने इसके अलावा ब्रिक्स (ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका) देशों के बीच सामाजिक और श्रम क्षेत्र तथा पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के दो करारों को पूर्व प्रभाव से मंजूरी दे दी है।
• इन देशों के बीच इस साल तीन अगस्त को ब्रिक्स देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक के दौरान सामाजिक और श्रम क्षेत्र में सहयोग के एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे। जबकि जुलाई 2018 में दक्षिण अफ्रीका के जोहन्सबर्ग में आयोजित 10वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान पर्यावरण के क्षेत्र में सहयोग के समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए थे।

4. वियतनाम के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाएगा भारत
• भारत अपने व्यापारिक संबंधों को वियतनाम के साथ बढ़ाएगा। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए वियतनाम सरकार के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद का प्रतिनिधमंडल बैठक करेगा।
• भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार करने के लिए वियतनाम सरकार के कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर है। इस दौरे के दौरान यह प्रतिनिधिमंडल भारतीय व्यापार संवर्धन परिषद (टीपीसीआई) के एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक करेगा।
• वियतनाम के उपमंत्री ट्रान थान नाम के नेतृत्व में आए इस प्रतिनिधिमंडल में उनके साथ वियतनाम सरकार के वरिष्ठ सरकारी अधिकारी और कारोबारी भी आए हैं। वियतनाम और टीपीसीआई के प्रतिनिधिमंडल भारत और वियतनाम के बीच व्यापार के अवसरों और भविष्य में सहयोग के बारे में र्चचा करने के साथ वियतनाम में भारतीय खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के उपाय भी तलाशेंगे।
• बैठक में वियतनाम के राजदूत फाम सान चाउ भी उपस्थित रहेंगे। टीपीसीआई के अध्यक्ष मोहित सिंगला अपने प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे हैं। भारत और वियतनाम के बीच द्विपक्षीय व्यापार वर्ष 2015-16 में 7.8 अरब अमेरिकी डॉलर का था। वर्ष 2016 के दौरान भारतीय प्रधानमंत्री के वियतनाम के दौरे और वियतनाम के राष्ट्रपति के भारत के दौरे के अवसरों पर दोनों देशों के बीच 16 सहमति पत्रों पर हस्ताक्षर किये गये थे।
• ये समझौते सूचना प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, स्वास्य साफ्टवेयर विकास और प्रशिक्षण, विमानन, नौवहन, असैनिक नाभिकीय सहयोग पर केंद्रित थे। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और वियतनाम-भारत व्यापक कूटनीतिक साझेदारी को बढ़ाने में ये सभी क्षेत्र महत्वपूर्ण हैं।

NATIONAL
5.पांच उच्च न्यायालयों में नए मुख्य न्यायाधीश नियुक्त
• उत्तराखंड, सिक्किम, कलकत्ता, गौहाटी और बंबई उच्च न्यायालयों में नियुक्तियां की गई हैं। आंध्रप्रदेश और तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायाधीश रमेश रंगनाथ को उत्तराखंड उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।
• नैनीताल में स्थित उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश के एम जोसफ को अगस्त में उच्चतम न्यायालय का न्यायाधीश नियुक्त किया गया था।
• उत्तराखंड उच्च न्यायालय के न्यायाधीश विजय कुमार बिष्ट को सिक्किम उच्च न्यायालय का मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया गया है। कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश देबाशीष कार गुप्ता को पदोन्नत कर वहीं पर मुख्य न्यायाधीश बनाया गया है।

6. बेनामी लेन-देन में टिब्यूनल की स्थापना को मंजूरी
• बेनामी लेन-देन से जुड़े मामले जल्द निपटाने के लिए सरकार ने अपीलीय न्यायाधिकरण (टिब्यूनल) और न्यायिक प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी दे दी है। कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंत्रिमंडल की बैठक में यह फैसला लिया गया। सरकार ने इसी माह की शुरुआत में 34 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में ऐसे सत्र न्यायालयों को अधिसूचित किया था, जो बेनामी लेन-देन कानून से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत का काम करेंगे।
• ज्ञात हो, बेनामी लेन-देन उन सौदों को कहा जाता है, जो फर्जी नाम से किए जाते हैं या संपत्ति के मालिक को मालिकाना हक की जानकारी नहीं होती है। संपत्ति के लिए भुगतान करने वाला शख्स यदि अपना पता नहीं देता है, तो उसे भी बेनामी लेन-देन कहते हैं।
• बेनामी मामलों में निर्णय देने वाले प्राधिकरण और अपीलीय प्राधिकरण राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में स्थापित होंगे। न्यायिक प्राधिकरण की पीठ कोलकाता, मुंबई व चेन्नई में भी स्थापित की जा सकती हैं।
• इसकी अधिसूचना बाद में जारी की जाएगी। सरकार के मुताबिक, प्राधिकरण की स्थापना को मंजूरी देने से बेनामी संपत्ति के मामलों का बेहतर और प्रभावी निपटारा हो सकेगा। बेनामी लेन-देन पर अंकुश लगाने के लिए एक नवंबर, 2016 को बेनामी लेन-देन (निषेध) अधिनियम पारित किया गया था।

ECONOMY
7.विकास लक्ष्यों को पाने में अब नहीं होगी चूक
• सरकार ने सतत विकास कार्यक्रमों की निगरानी के लिए एक उच्च स्तरीय संचालन समिति गठित करने का फैसला किया है। विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बुधवार को बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में इस समिति के गठन को मंजूरी दी गई।
• इस समिति की अध्यक्षता भारत के मुख्य सांख्यिकी आधिकारी और सांख्यिकी मंत्रालय के सचिव करेंगें।यह समिति राष्ट्रीय सूचकांक फ्रेमवर्क की समीक्षा करेगी और इन सूचकांकों को और बेहतर बनाएगी।
• समिति सतत विकास के लक्ष्यों तथा राष्ट्रीय नीतियों, कार्यक्रमों एवं कार्य योजनाओं की समीक्षा करेगी। समिति सतत विकास के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए उठाए गए कायरें की रिपोर्ट भी पेश करेगी जिसके आधार पर लक्ष्यों को पूरा करने के रास्ते में आने वाली चुनौतियों का सामना किया जाएगा और कायरें की प्रगति को बढ़ाया जाएगा।
• ताईवानी निवेश करार : मंत्रिमंडल ने ताइवान के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूती देने के लिए ‘‘भारत-ताइपे एसोसिएशन’ और ‘‘ताइपे’ आर्थिक एवं सांस्कृतिक केंद्र’ के बीच निवेश समझौते पर हस्ताक्षर करने को मंजूरी दी है। इस समझौते पर दोनों पक्षों के बीच निवेश का प्रवाह बढ़ने की संभावना है।
• फिनटेक समझौता : सरकार ने बुधवार को भारत और सिंगापुर के बीच वित्तीय क्षेत्र से जुड़ी प्रौद्योगिकी (फिन टेक) पर एक संयुक्त कार्य समूह गठित करने के लिए हुए समझौते (एमओयू) को मंजूरी दे दी। समझौते के तहत दोनों देश फिन टेक से जुड़ी नीतियों और नियामकों पर अनुभवों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देकर बेहतर कार्यपण्रालियों के आदान-प्रदान के लिए नियामक संपर्क में सुधार लाएंगे।
• मत्स्यपालन क्षेत्र के लिए कोष : सरकार ने मत्स्य पालन व्यवसाय को बढ़ावा देने में सहायक बनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए 7,522 करोड़ रपए के कोष की स्थापना को मंजूरी दी है।

8. सबसे बड़ी सहकारिता कंपनी बनी इफ्को
• प्रमुख उर्वरक कंपनी इफ्को ने बुधवार को कहा कि ‘‘र्वल्ड कोआपरेटिव मानिटर’ रिपोर्ट 2018 में वह फिर से दुनिया की सबसे बड़ी सहकारिता कंपनी बनकर उभरी है।
• अंतरराष्ट्रीय सहकारिता संधि (आईसीए) और सहकारी एवं सामाजिक उद्यमों से संबंधित यूरोपीय अनुसंधान संस्थान (यूरि-सीएसई) यह रिपोर्ट प्रकाशित करती है। इफ्को ने एक बयान में कहा, ‘‘इस रिपोर्ट के सातवें संस्करण ने प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के मुकाबले कारोबार के अनुपात के आधार पर इफ्को को दुनिया की शीर्ष सहकारी कंपनी बताया है।
• प्रति व्यक्ति सकल घरेलू उत्पाद (सकल घरेलू उत्पाद) के अनुपात के आधार पर कारोबार के हिसाब से श्रेणी तय करने का मतलब सहकारी संस्था के कारोबार को उस देश की क्रय शक्ति से संबंधित करना है जहां कंपनी परिचालन करती है।
• इफ्को के लगभग 36,000 सदस्य सहकारी समितियां हैं और उसका कारोबार वित्त वर्ष 2017-18 में लगभग तीन अरब डॉलर था। इसने 2016 से शीर्ष स्थिति को कायम रखा है।

ENVIRONMENT
9. अप्रैल 2020 से सिर्फ यूरो-6 मानक वाले वाहन बिकेंगे
• सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को आदेश दिया कि एक अप्रैल, 2020 से देशभर में यूरो-6 ईधन मानक का अनुपालन करने वाले वाहनों को ही बेचने और पंजीयन करने की अनुमति होगी। न्यायालय ने साफ किया कि एक अप्रैल, 2020 से देश में यूरो-4 श्रेणी के वाहनों की बिक्री नहीं होगी।
• सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश मदन बी लोकुर, न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की पीठ ने कहा, एक अप्रैल, 2020 से भारत में यूरो-6 के उत्सर्जन मानक का अनुपालन न करने वाले किसी वाहन की बिक्री नहीं होगी। दिल्ली-एनसीआर के पेट्रोल पंपों पर पहले से ही यूरो-6 मानक के पेट्रोल और डीजल मिल रहे हैं।
• केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अधिवक्ता विजय पंजवानी ने अदालत के आदेश का स्वागत करते हुए कहा कि यूरो-6 मानक का अनुपालन करने वाले वाहनों को अपनाने की आवश्यकता काफी समय से महसूस की जा रही थी, क्योंकि यूरो-6 ईंधन दिल्ली-एनसीआर में पिछले एक साल से उपलब्ध है।
• पंजवानी ने कहा कि वाहनों का अंतर्राज्यीय आवागमन सुगम बनाने के लिए यह व्यवस्था की जा रही है। भारत में यूरो उत्सर्जन मानक वे मानक हैं जो सरकार ने मोटर वाहनों से पर्यावरण में होने वाले प्रदूषक तत्वों के नियमन के लिए बनाए हैं।
• भारत स्टेज-6 (या बीएस-6 या यूरो- 6 ) उत्सर्जन नियम एक अप्रैल, 2020 से देशभर में प्रभावी हो जाएंगे। यूरो-4 नियम अप्रैल 2017 से देशभर में लागू हैं। केन्द्र ने 2016 में घोषणा की थी कि देश में यूरो-5 नियमों को अपनाए बगैर ही 2020 तक यूरो-6 नियमों को लागू कर दिया जाएगा

AWARD
10. ‘‘मोदीनॉमिक्स’ के लिए नमो को सोल शांति पुस्कार
• प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को विश्व शांति में तथा अपनी विशिष्ट आर्थिक नीतियों से नियंतण्र एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि में योगदान के लिए विश्व के अत्यंत प्रतिष्ठित सोल शांति पुरस्कार 2018 के लिए चुना गया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बुधवार को यहां ट्वीटर पर यह जानकारी दी।
• उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को उनकी विशिष्ट आर्थिक नीतियों ‘‘मोदीनॉमिक्स’ के जरिये नियंतण्र एवं भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि तथा विश्व शांति, मानव विकास में सुधार और भारत में लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में उनके योगदान के लिए प्रतिष्ठित सोल शांति पुरस्कार के लिए चुना गया है। सोल शांति पुरस्कार सांस्कृतिक प्रतिष्ठान आज दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में यह घोषणा की।
• प्रतिष्ठान ने अमीरों और गरीबों के बीच सामाजिक और आर्थिक खाई को कम करने के लिए ‘‘मोदीनॉमिक्स’ की प्रशंसा की है। मोदी को इस पुरस्कार के तहत एक अवॉर्ड, पट्टिका के साथ 2 लाख डॉलर यानी करीब 1.46 करोड़ रुपये की धनराशि प्रदान की जाएगी। मोदी दुनिया के इस प्रतिष्ठित सम्मान को हासिल करने वाली 14वीं हस्ती हैं। यह पुरस्कार पाने वालों में संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान और बान की-मून भी शामिल हैं।
• इस प्रतिष्ठान ने मोदी सरकार के भ्रष्टाचार रोकने के लिए उठाये गये विभिन्न कदमों तथा नियंतण्र एवं क्षेत्रीय शांति के लिए किये गये कूटनीतिक प्रयासों विशेष रूप से एक्ट ईस्ट नीति की भी सराहना की है। इस वर्ष यह दूसरा मौका है जब मोदी को अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
• पर्यावरण के क्षेत्र में योगदान के लिए श्री मोदी को इसी वर्ष संयुक्त राष्ट्र के सर्वोच्च पुरस्कार ‘‘चैम्पियन ऑफ दि अर्थ’ अवार्ड से सम्मानित किया गया है। संयुक्त राष्ट्र के महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने स्वयं नयी दिल्ली आकर श्री मोदी को इस सम्मान से नवाजा था।

Source of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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