Daily News Summary of 05 Nov in details in Hindi

By | November 11, 2018

दैनिक समसामयिकी – 05 November 2018(Monday)

INTERNATIONAL/BILATERAL
1.पड़ोसी देशों पर मेहरबानी की नीति ने बढ़ाई भारत की साख
• प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता संभालने के बाद जब अपनी वैश्विक कूटनीति का एलान किया तो ‘’ यानी सबसे पहले पड़ोसी की नीति इसका एक अहम हिस्सा था। हाल के दिनों में पाकिस्तान, श्रीलंका, मालदीव और नेपाल में भारत विरोधी कुछ रुख लेकर भारत की इस नीति पर भी सवाल उठाए गए, लेकिन जब हम जमीनी तौर पर हो रहे कार्यो और भारतीय कूटनीति की कोशिशों को देखते हैं तो यह साफ हो जाता है कि ‘’ नीति के तहत पड़ोसी देशों को साधने की जैसी कोशिश पिछले चार वर्षो में हुई है, वैसी पहले कभी नहीं दिखी। इससे पाकिस्तान को छोड़ अन्य सभी दक्षेस देशों में भारत की साख बढ़ी है।
• जो आंकड़े सामने आए वह पड़ोसी देशों में भारत की बढ़ते रसूख को भी बताता है। मसलन, अगर भारत की तरफ से दूसरे देशों को आर्थिक विकास के लिए दिए जाने वाले कर्जे (एलओसी- लाइन ऑफ क्रेडिट) की बात करें तो आजादी के बाद अब तक 25 अरब डॉलर (लगभग 1,82,287 करोड़ रुपये) इस मद में दिए गए हैं।
• इसका 11 अरब डॉलर (लगभग 80,204 रुपये) सिर्फ पड़ोसी देशों (पाकिस्तान को छोड़ कर अन्य दक्षेस देशों और म्यांमार) को दिए गए हैं। 7.6 अरब की राशि बांग्लादेश को दी गई है। लेकिन इसमें से सात अरब डॉलर की राशि सिर्फ पिछले चार वर्षो में दी गई है। यानी उसके पहले के 43 वर्षो में सिर्फ 0.6 अरब डॉलर की राशि दी गई। नेपाल को अब तक दी गई है 1.6 अरब डॉलर की राशि, जिसमें 1.3 अरब डॉलर का कर्ज मोदी सरकार के कार्यकाल के दौरान दिया गया है।
• अब अगर पड़ोसी देशों को भारत की तरफ से विकास कार्यो के लिए दी जाने वाली सहयोग राशि की बात करें, तो वर्ष 2013-18 के दौरान 4.2 अरब डॉलर की राशि दी गई है। उसके पहले के पांच वर्षो (2008-13) के दौरान यह राशि सिर्फ 1.67 अरब डॉलर की थी।
• विदेश मंत्रालय के एक उच्च पदस्थ सूत्र के मुताबिक पिछले चार वर्षो में सिर्फ भारत की तरफ से दी जाने वाली राशि ही नहीं बढ़ी है, बल्कि मदद का क्षेत्र भी काफी व्यापक हो गया है। मसलन, हम अब सड़क से लेकर रेलवे लाइन, अस्पताल, संसद भवन, पुलिस एकेडमी, आम जनता के लिए आवास, सिंचाई परियोजना और बिजली संयंत्र तक बनाने में मदद दे रहे हैं।
• आज अफगानिस्तान, नेपाल, श्रीलंका और मालदीव में भारत निर्मित अस्पतालों की गिनती इन देशों के बेहतरीन अस्पतालों में हो रही है। म्यांमार में इसी तरह के एक बड़े अस्पताल के निर्माण पर बात हो रही है।
• अधिकारियों ने बताया कि चीन की वन बेल्ट वन रोड नीति का विरोध तो अब हो रहा है, लेकिन भारत काफी पहले से अपनी विकास परियोजनाओं को लेकर सतर्क रहता है। हम मित्र देशों को बताते हैं कि वह परियोजना का चयन स्वयं करें और हमें बता दें।
• यह वजह है कि इन देशों की तरफ से आने वाले प्रस्तावों की संख्या बढ़ती जा रही है। साथ ही प्रधानमंत्री कार्यालय से निर्देश है कि जो भी परियोजना हाथ में ली जाए उसको समय सीमा के भीतर संपन्न करने पर सबसे ज्यादा जोर दिया जाए।

2. भारत से पाक के वार्ता प्रयास को चीन का समर्थन
• भारत के साथ सभी विवादों को बातचीत के जरिये सुलझाने के पाकिस्तान के हर प्रयास को चीन का समर्थन है। साथ ही परमाणु आपूर्तिकर्ता समूह (एनएसजी) की सदस्यता के पाकिस्तान के दावे का भी चीन समर्थन करता है। ये बातें चीन-पाकिस्तान के संयुक्त बयान में कही गई हैं। यह बयान पाकिस्तानी प्रधानमंत्री इमरान खान की चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और प्रधानमंत्री ली कछ्यांग से वार्ता के बाद जारी हुआ है। इमरान इन दिनों चीन यात्रा पर हैं। शनिवार को पाकिस्तान और चीन के बीच विकास योजनाओं के लिए 16 समझौते हुए थे।
• संयुक्त बयान में कहा गया है कि पाकिस्तान के बातचीत के जरिये शांति स्थापित करने के प्रयास का चीन समर्थन करता है। भारत के साथ वार्ता, सहयोग और शांति स्थापित करने की पाकिस्तान की इच्छा की चीन प्रशंसा करता है। चीन के अनुसार दोनों देशों के बीच रिश्ता आपसी सम्मान और बराबरी का होना चाहिए। भारत और पाकिस्तान के रिश्ते 2016 में उड़ी सैन्य अड्डे पर हुए आतंकी हमले के बाद से बिगड़े हुए हैं। उसी के बाद भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की थी।
• संयुक्त बयान में कहीं भी कश्मीर विवाद का जिक्र नहीं किया गया है। हाल के वर्षो में चीन ने भारत और पाकिस्तान के संबंध सामान्य होने की लगातार वकालत की है। कश्मीर मसले को भी उसने शांतिपूर्ण ढंग से वार्ता के जरिये सुलझाने की वकालत की है। चीन खुद को क्षेत्रीय शांति का पक्षधर बताता है। भारत भी पाकिस्तान के साथ वार्ता के जरिये सभी विवाद निपटाना चाहता है, लेकिन वह वार्ता और आतंकी हमलों के साथ-साथ चलने का विरोधी है।
• ये हमले पाकिस्तानी सेना का समर्थन पाए आतंकी संगठन करवाते हैं। संयुक्त बयान में पाकिस्तान ने दक्षिण एशियाई क्षेत्रीय सहयोग संगठन (सार्क) में चीन की प्रभावी भूमिका की आवश्यकता जताई है। ऐसा करके वह सार्क में भारत की प्रभावी भूमिका को संतुलित करना चाहता है, जबकि चीन एनएसजी में पाकिस्तान की दावेदारी का समर्थन कर उसे भारत के खिलाफ इस्तेमाल कर रहा है। भारत ने भी एनएसजी दावेदारी की है, 48 सदस्य देशों में सिर्फ चीन उसमें अड़ंगा लगा रहा है।

NATIONAL
3. अपराध न्याय प्रणाली को बदलने पर विचार
• अपराध न्याय प्रणाली में सुधार करने के उद्देश्य से सरकार जांच और अभियोजन के विभागों को अलग-अलग करने सहित कई प्रस्तावों पर विचार कर रही है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार गृह मंत्रालय ने इस संबंध में राज्य सरकारों से राय-मशविरा की प्रक्रिया आरंभ कर दी है।
• अगर राज्यों के साथ सहमति बन गयी तो पुलिस का जांच करने का विभाग और अभियोजन का विभाग अलग-अलग हो जाएगा। विचार-विमर्श में राज्यों में अभियोजन विभाग के मुखिया के रूप में महानिदेशक स्तर के अधिकारी की नियुक्ति की संभावना भी टटोली जा रही है।
• गवाहों को अदालत में तलब करने में एसएमएस और ई-सम्मन देने के बारे में भी विचार किया जा रहा है। अपराध में पीड़ित पक्ष को भी तहकीकात की प्रगति के बारे में भी एसएमएस से जानकारी दिये जाने का प्रस्ताव विचाराधीन है।
• गंभीर एवं घृणित अपराधों के मामले में त्वरित एवं प्राथमिकता से मुकदमा निपटाने की व्यवस्था कायम करके जनता में अपराध न्याय पण्राली के प्रति विश्वसनीयता बढ़ाने के बारे में सोचा जा रहा है।

ECONOMY
4. सरकारी बैंकों को पूंजी का कार्यक्रम इसी माह बनेगा
• वित्त मंत्रालय सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के पिछली तिमाही के नतीजों को देखने के बाद उनको नई पूंजी उपलब्ध कराने के दूसरे चरण के कार्यक्रम को इस महीने के अंत तक तय कर सकता है। नई पूंजी मिलने से इन बैंकों को खासकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यमों को और अधिक ऋण साहयता देने में मदद मिलेगी।
• पिछले सप्ताह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एमएसएमई क्षेत्र को गति देने के लिये एक घंटे से भी कम समय में एक करोड़ रुपये तक कर्ज, श्रम एवं पर्यावरण कानून में छूट जैसे उपायों की घोषणा की। सूत्रों ने कहा कि एक-दो बैंकों को छोड़कर बैंकों को दूसरी तिमाही के नतीजे इस सप्ताह आएंगे और उसके बाद मंत्रालय उनके साथ बातचीत शुरू करेगा।
• बैंकों की जरूरत का आकलन करने के बाद मंत्रालय नवंबर अंत या अगले माह के पहले सप्ताह तक 54,000 करोड़ रूपये की पूंजी डालने के कार्यक्रम को अंतिम रूप दे सकता है।
• मंत्रालय ने इस वर्ष की शुरुआत में 11,336 करोड़ रूपये की पूंजी सार्वजनिक क्षेत्र के पांच बैंकों में डाली थी। नीरव मोदी घोटाले से प्रभावित पंजाब नेशनल बैंक को सर्वाधिक 2816 करोड़ रपए मिले जबकि इलाहबाद बैंक को 1,790 करोड़ रूपये मिले।
• इसके अलावा आंध्रा बैंक को 2,019 करोड़ रूपये, इंडियन ओवरसीज बैंक को 2157 करोड़ रपए तथा कारपोरेशन बैंक को 2,555 करोड़ रूपये मिले।

5.डिजिटल पब्लिक क्रेडिट रजिस्ट्री के गठन की प्रक्रिया शुरू
• भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआइ) ने विलफुल डिफॉल्टर्स समेत सभी कर्जदारों की जानकारी एक जगह संग्रह करने के लिए डिजिटल पब्लिक क्रेडिट रजिस्ट्री (पीसीआर) की स्थापना प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके लिए आरबीआइ ने ऐसी कंपनियों से आवेदन (ईओआइ) आमंत्रित किए हैं, जिनका टर्नओवर पिछले तीन साल में 100 करोड़ रुपये से ऊपर रहा हो।
• पीसीआर में विलफुल डिफॉल्टर और लंबित कानूनी मुकदमों की भी सूचनाएं होंगी। इसमें पूंजी बाजार नियामक सेबी, कंपनी मामलों का मंत्रलय, जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन), इंसॉल्वेंसी एंड बैंक्रप्सी बोर्ड ऑफ इंडिया (आइबीबीआइ) जैसे संस्थानों के आंकड़े भी शामिल किए जाएंगे। इससे बैंकों और वित्तीय संस्थानों को किसी भी पुराने और नए कर्जदार का का संपूर्ण ब्योरा तुरंत हासिल हो जाएगा। इस साल जून में आरबीआइ ने देश के लिए एक पीसीआर स्थापित करने की घोषणा की थी।
• पीसीआर की स्थापना से सूचना का अभाव दूर होगा, कर्ज की उपलब्धता को बढ़ावा मिलेगा और कर्ज की संस्कृति मजबूत होगी। इससे पहले कर्ज संबंधी सूचनाओं की उपलब्धता और वर्तमान सूचना संस्थानों की पर्याप्तता की समीक्षा तथा मौजूदा प्रणाली की खामियों की पहचान करने के लिए आरबीआइ ने एक उच्चस्तरीय कार्यदल का गठन किया था।
• आरबीआइ के ईओआइ दस्तावेज में कहा गया है कि संक्षेप में पीसीआर अलग-अलग जगहों पर मौजूद कर्ज संबंधी सत्यापित सूचनाओं का एक डिजिटल रजिस्ट्री होगा और यह एक वित्तीय सूचना इन्फ्रास्ट्रक्चर के तौर पर काम करेगा। इसे विभिन्न हितधारकों द्वारा देखा जा सकेगा और यह कर्ज संबंधी वर्तमान तंत्र को और समृद्ध करेगा।

Source of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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