Daily General Awareness/CA for exams in Hindi – 04 Dec

By | December 4, 2018

Daily News Summary of 04-12-2018 in details in Hindi

दैनिक समसामयिकी – 04 December 2018(Tuesday)

International/bilateral
1.कतर ने छोडा़ ओपेक का साथ
• कतर ने गैस उत्पादन पर ध्यान केंद्रित करने तथा सऊदी अरब के साथ जारी तनाव के बीच उसके दबदबे को कम करने के लिए प्रमुख कच्चा तेल उत्पादक देशों के समूह ओपेक से बाहर निकलने का निर्णय लिया है।
• कतर के ऊर्जा मंत्री साद शरीदा अल-काबी ने सोमवार को इसकी घोषणा की।कतर की इस अचानक घोषणा से ओपेक की भूमिका फिर से संदेह के घेरे में आ गई है। यह पहला मौका है जब 1960 में ओपेक के गठन के बाद किसी पश्चिमी एशियाई देश ने इससे बाहर निकलने का निर्णय लिया है।
• अल-काबी ने यहां कहा, ‘‘कतर ने ओपेक की सदस्यता छोड़ने का निर्णय लिया है जो जनवरी 2019 से प्रभावी होगा।’ उन्होंने कहा कि कतर आगे भी कच्चा तेल का उत्पादन जारी रखेगा लेकिन वह गैस उत्पादन पर अधिक ध्यान देने वाला है क्योंकि वह विश्व में द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का सबसे बड़ा निर्यातक है।
• उन्होंने कहा कि कतर की योजना द्रवीकृत प्राकृतिक गैस का उत्पादन अभी के 7.7 करोड़ टन सालाना से बढाकर 11 करोड़ टन सालाना करने की है।

2. पर्यावरण सुरक्षा के लिए 200 अरब डालर देगा विश्व बैंक
• विश्व बैंक ने वर्ष 2021-25 के दौरान जलवायु परिवर्तन की समस्या से निपटने की कार्रवाई को लेकर 200 अरब डालर के निवेश की एक योजना सोमवार को घोषित की। यह योजना वर्तमान पांच वर्ष की अवधि की विश्व बैंक की योजना की दोगुना है।
• विश्व बैंक ने बयान में कहा कि इस 200 अरब डालर की राशि में से करीब 100 अरब डालर प्रत्यक्ष वित्त होगा। करीब एक-तिहाई वित्त पोषण विश्व बैंक समूह की एजेंसियों से और शेष निजी पूंजी होगी जो विश्व बैंक जुटाएगा। विश्व बैंक ने कहा कि यह जलवायु परिवर्तन से निपटने की महत्वाकांक्षा में उल्लेखनीय रूप से वृद्धि को दर्शाता है।
• विश्व बैंक ने यह कदम ऐसे समय उठाया है जबकि पोलैंड में करीब 200 राष्ट्रों की संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर बैठक चल रही है। विश्व बैंक के इस कदम से नियंतण्र समुदाय के समक्ष यह संकेत गया है कि उन्हें भी कुछ इसी तरह की पहल करनी चाहिए।

3. भारत और अमेरिका की वायुसेना के बीच संयुक्त अभ्यास शुरू
• भारत और अमेरिका की वायु सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास सोमवार को पश्चिम बंगाल के दो वायु सेना स्टेशनों पर एक साथ शुरू हुआ। दोनों देशों के बीच आठ साल बाद हो रहा ‘कोप इंडिया 2018’ नामक यह अभ्यास 14 दिसंबर तक वायु सेना स्टेशन कलाईकुंडा और अर्जन सिंह वायुसेना स्टेशन, पानागढ़ में चलेगा।
• रक्षा मंत्रलय की ओर से बताया गया कि अमेरिका के 200 वायु सैनिक 15 विमानों के साथ संयुक्त अभ्यास में हिस्सा ले रहे हैं। उम्मीद जताई गई है कि इस अभ्यास से दोनों देशों के बीच सैन्य संबंधों को मजबूती मिलने के साथ वायु सैनिकों के युद्ध कौशल को बढ़ाने में काफी मदद मिलेगी।
• अभ्यास का मुख्य उद्देश्य भारतीय और अमेरिकी वायु सेनाओं के बीच सहयोग को बढ़ावा देना है। इसमें विशेषज्ञों के बीच बातचीत, एयर मोबिलिटी टेनिंग व बड़े स्तर के सैन्य अभ्यास के अलावा लड़ाकू विमानों का प्रशिक्षण अभ्यास आदि शामिल है।
• इससे पहले दोनों देशों के बीच कोप इंडिया अभ्यास 2010 में हुआ था। पहली बार कोप इंडिया अभ्यास 2004 में हुआ था।

4. पीएम के तौर पर काम नहीं कर सकते राजपक्षे
• श्रीलंका की एक अदालत ने सोमवार को म¨हदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने से रोक दिया। यह कदम राष्ट्रपति मैत्रीपाला सिरिसेना के लिए बड़ा झटका है जिन्होंने एक विवादास्पद निर्णय के तहत रानिल विक्रमसिंघे के स्थान पर राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त किया था।
• अपीलीय अदालत ने राजपक्षे और उनकी कैबिनेट को पद की हैसियत से काम करने से रोक दिया। विवादित सरकार के खिलाफ 122 सांसदों द्वारा दायर याचिका के जवाब में आदेश पारित किया गया। अदालत ने सुनवाई की तारीख 12 और 13 दिसम्बर तय की है। सुनवाई में मौजूद एक वकील ने कहा, अंतरिम राहत के मुताबिक राजपक्षे और उनकी विवादित सरकार को प्रधानमंत्री, कैबिनेट और उपमंत्रियों के तौर पर काम करने से रोक दिया गया है।
• उन्होंने कहा कि अदालत का मत था कि प्रधानमंत्री और कैबिनेट मंत्री के पद पर काबिज व्यक्ति अगर ऐसा करने के अधिकारी नहीं हैं तो ‘‘अपूरणीय क्षति’ हो सकती है। राजपक्षे के प्रधानमंत्री बनने के खिलाफ विक्रमसिंघे की यूनाईटेड नेशनल पार्टी, जनता विमुक्ति पेरामुना (जेवीपी) और तमिल नेशनल अलायंस ने पिछले महीने अपीली अदालत में याचिका दायर की थी।
• श्रीलंका में 26 अक्टूबर से राजनीतिक संकट चल रहा है जब राष्ट्रपति सिरिसेना ने विक्रमसिंघे को बर्खास्त कर दिया था और उनकी जगह राजपक्षे को नियुक्त कर दिया था।
• उच्चतम न्यायालय जाएंगे राजपक्षे : श्रीलंका के कद्दावर नेता म¨हदा राजपक्षे निचली अदालत के फैसले के खिलाफ मंगलवार को उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे जिसने उन्हें प्रधानमंत्री के तौर पर काम करने से रोक दिया है।
• अपीलीय अदालत ने विवादित सरकार के खिलाफ 122 सांसदों की याचिका पर सोमवार को राजपक्षे और उनकी कैबिनेट को अपने पदों पर काम करने से रोक दिया था। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 12 और 13 दिसम्बर तय की।

DEFENCE
5. नौसेना को मिलेंगे 56 युद्धपोत और 6 पनडुब्बी
• सरकार ने हिन्द महासागर में भारतीय नौसेना का प्रभुत्व बनाए रखने के लिए उसके बेड़े में 56 युद्धपोत और छह पनडुब्बी शामिल करने का महत्वाकांक्षी निर्णय लिया है साथ ही दूसरे स्वदेशी विमानवाहक पोत को लेकर भी बातचीत ठोस रूप ले रही है।
• नौसेना प्रमुख एडमिरल सुनील लांबा ने नौसेना दिवस की पूर्व संध्या पर सोमवार को यहां आयोजित वार्षिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नौसेना रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। सरकार ने देश की सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए नौसेना के बेड़े के लिए 56 समु्द्री पोतों और छह पनडुब्बियों की मंजूरी दी है।
• उन्होंने कहा कि ये युद्धपोत और पनडुब्बी लगभग एक दशक के समय में नौसेना के बेड़े में शामिल कर लिए जाएंगे। इनमें से कुछ युद्धपोत पुराने युद्धपोतों की जगह लेंगे तो कुछ नौसेना के बेड़े का विस्तार कर उसे मजबूत बनाएंगे।
• उन्होंने कहा कि इसके अलावा देश के विभिन्न शिपयाडरें में अभी 32 समुद्री पोत और पनडुब्बी बनाई जा रही हैं। इनमें विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत, पी-15 बी श्रेणी के विध्वंसक, पी 17 ए श्रेणी के स्टेल्थ फ्रिगेट, समुद्री गश्त पोत और पनडुब्बी शामिल हैं।
• देश में ही बनाया जा रहा विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत निर्माण के तीसरे और अंतिम चरण में है। इसका समुद्री परीक्षण 2020 के मध्य में शुरू होने की संभावना है। इससे नौसेना की समुद्री शक्ति तथा हवाई मारक क्षमता बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नौसेना के लिए दूसरे विमानवाहक पोत को लेकर भी बात ठोस तरीके से आगे बढ़ रही है।
• नौसेना के पास तीन विमानवाहक पोत होने के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह आदर्श स्थिति है, जिसमें दो विमानवाहक एक साथ ऑपरेशनों के लिए उपलब्ध रह सकेंगे।
• उन्होंने कहा कि मुंबई हमले के मद्देनजर तटीय सुरक्षा को चाक चौबंद किया जा रहा है और देश की सभी नौकाओं को स्वचालित पहचान पण्राली (एआईएस) से जोड़ने के लिए पायलट प्रोजेक्ट तमिलनाडु, गुजरात और पुड्डुचेरी में सफल रहा है।

ECONOMY
6. सात वर्षो में आयकर में इस बार सबसे तेज वृद्धि
• प्रत्यक्ष कर प्राप्ति में पिछले सात साल में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई है। नोटबंदी का इसमें बड़ा योगदान माना जा रहा है। यही वजह है कि आयकर विभाग चालू वित्त वर्ष के लिए तय प्रत्यक्ष कर वसूली लक्ष्य का आधे से अधिक राजस्व पहले ही प्राप्त कर चुका है। उसकी वसूली 6.63 लाख करोड़ रपए से ऊपर निकल गई है।
• केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) की ताजा रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है। सीबीडीटी की ‘‘‘‘नोटबंदी का प्रभाव’’ विषय पर तैयार रिपोर्ट में कहा गया कि नवम्बर 2016 में 500 रपए और 1,000 रपए को चलन से हटाए जाने का परिणाम यह हुआ कि बड़ी मात्रा में अहम सूचना और आंकड़े विभाग को उपलब्ध हुए जिनके आधार पर की गई प्रवर्तन कार्रवाई से कर चोरी के खिलाफ बड़ी सफलता मिली।
• इन सूचनाओं के आधार पर कर विभाग ने बड़ी संख्या में जांच और सव्रे की कार्रवाई भी की। सीबीडीटी की यह रिपोर्ट में कहा गया है कि चालू वित्त वर्ष में अब तक (15 नवम्बर 2018 तक) प्रत्यक्ष कर में सकल राजस्व प्राप्ति 6.63 लाख करोड़ रपए रही है। यह राशि एक साल पहले की इसी अवधि में हुई वसूली से 16.4 प्रतिशत अधिक है।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि यह ‘‘‘‘नोटबंदी का सकारात्मक असर है।’’ वित्त वर्ष 2018- 19 के लिए प्रत्यक्ष कर प्राप्ति का 11.5 लाख करोड़ रपए का लक्ष्य रखा गया है। आयकर विभाग के लिए लक्ष्य को हासिल करने के लिए चार माह का समय बचा है।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि इस दौरान दाखिल की गई आयकर रिटर्न की संख्या में भी लगातार वृद्धि हुई है। वर्ष 2013- 14 में जहां 3.79 करोड़ रिटर्न जमा कराई गई वहीं 2017- 18 में यह संख्या 81 प्रतिशत बढ़कर 6.87 करोड़ तक पहुंच गई।
• रिपोर्ट में कहा गया है कि कर आधार को व्यापक बनाने में काफी मदद मिली है। इस दौरान न केवल आईटीआर रिटर्न की संख्या बढ़ी है बल्कि रिटर्न भरने वाले नए करदाताओं की संख्या 2017- 18 में 1.07 करोड़ तक पहुंच गई। इससे पिछले साल यह 85.51 लाख थी।

Sorce of the News (With Regards):- compile by Dr Sanjan,Dainik Jagran(Rashtriya Sanskaran),Dainik Bhaskar(Rashtriya Sanskaran), Rashtriya Sahara(Rashtriya Sanskaran) Hindustan dainik(Delhi), Nai Duniya, Hindustan Times, The Hindu, BBC Portal, The Economic Times(Hindi& English)

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